
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के पिछड़े वर्ग (BC), अत्यंत पिछड़े वर्ग (EBC), अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के लिए संचालित बिहार पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (Bihar Post Matric Scholarship – PMS) को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक अपडेट सामने आया है।
शैक्षणिक सत्र 2024-25, 2025-26 एवं 2026-27 के दौरान पोर्टल पर सबमिट किए गए आवेदनों के त्रिस्तरीय भौतिक एवं डिजिटल सत्यापन (Institute, Physical and Administrative Verification) के दौरान लगभग 2.75 लाख (पौने तीन लाख) आवेदनों में गंभीर विसंगतियां और त्रुटियां (Defects/Discrepancies) पाई गई हैं।
शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली द्वारा इन सभी चिह्नित फॉर्मों को पोर्टल पर ‘Defective’ अथवा ‘Pending Correction’ की श्रेणी में डाल दिया गया है। ऐसे सभी छात्र जिनका आवेदन डिफेक्टिव हुआ है, उन्हें छात्रवृत्ति की स्वीकृति और बैंक खाते में भुगतान प्राप्त करने के लिए पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार (Correction) करना अनिवार्य होगा। यदि छात्र तय समय-सीमा के भीतर त्रुटि सुधार नहीं करते हैं, तो उनका आवेदन स्थाई रूप से रद्द (Reject) कर दिया जाएगा।
छात्र आधिकारिक पोर्टल pmsonline.bihar.gov.in पर जाकर अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति की जांच (Status Check) कर सकते हैं तथा बताए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार संशोधन पूरा कर सकते हैं।
Quick Overview
| मुख्य विवरण (Parameters) | आधिकारिक विवरण (Official Details) |
| योजना का नाम | बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (PMS Online Bihar) |
| प्रशासकीय विभाग | शिक्षा विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा SC/ST कल्याण विभाग, बिहार |
| संबद्ध शैक्षणिक सत्र | सत्र 2024-25, सत्र 2025-26 एवं सत्र 2026-27 |
| कुल प्रभावित/डिफेक्टिव आवेदन | लगभग 2,75,000 (पौने तीन लाख) आवेदन |
| लक्षित वर्ग (Categories) | BC, EBC, SC एवं ST संवर्ग के उत्तर-मैट्रिक (10वीं उत्तीर्ण) छात्र |
| प्रक्रिया का प्रकार | Application Status Verification & Online Defect Rectification |
| सुधार का माध्यम | केवल आधिकारिक छात्र लॉगिन पोर्टल (Online Mode Only) |
| संशोधन / सुधार शुल्क | ₹0/- (पूर्णतः निःशुल्क / Free of Cost) |
| भुगतान का माध्यम | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (Direct Benefit Transfer – Aadhaar DBT via NPCI) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmsonline.bihar.gov.in |
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Important Dates & Timelines
छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्टेटस ट्रैकिंग और रिजेक्टेड/डिफेक्टिव फॉर्म के सुधार हेतु विभाग द्वारा निर्धारित महत्वपूर्ण समय-सीमा निम्नानुसार है:
| गतिविधि / प्रक्रिया (Event) | निर्धारित समय-सारणी (Official Timeline) |
| त्रुटिपूर्ण (Defective) आवेदनों की जांच सूची निर्धारण | अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन स्टेटस चेक एवं ग्रीवांस ट्रैकिंग विंडो | सक्रिय (Active Now) |
| ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज सुधार एवं री-अपलोड | लिंक लाइव (पोर्टल पर चालू) |
| संस्थान स्तरीय भौतिक सत्यापन (Institute Level Re-Verification) | छात्र द्वारा सुधार के तुरंत बाद |
| डीबीटी (DBT) भुगतान प्रक्रिया चरण | जिला समिति द्वारा अनुमोदन (Approval) के उपरांत |
जांच रिपोर्ट: 2.75 लाख आवेदनों के ‘Defective’ होने के मुख्य कारण
शिक्षा विभाग एवं राज्य स्तरीय तकनीकी सेल की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार आवेदनों में गड़बड़ी पाए जाने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. संस्थान सत्यापन विफलता (Institute Verification Level Issues)
- अमान्य / गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान: कई छात्रों ने ऐसे कॉलेजों या कोचिंग संस्थानों का चयन कर लिया जो PMS पोर्टल पर संबंधित कोर्स हेतु अनुमोदित नहीं हैं।
- संस्थान स्तर पर अनिर्णय: छात्र द्वारा आवेदन तो सबमिट कर दिया गया, परंतु संबंधित कॉलेज के नोडल अधिकारी (Institute Nodal Officer – INO) द्वारा निर्धारित समय में छात्र के रिकॉर्ड, रोल नंबर और उपस्थिति का सत्यापन नहीं किया गया।
- कोर्स और सत्र विसंगति: आवेदन में भरा गया कोर्स और कॉलेज के आधिकारिक दाखिला रिकॉर्ड में दर्ज कोर्स कोड आपस में मेल नहीं खा रहे हैं।
2. बोनाफाइड और शुल्क रसीद (Bonafide & Fee Receipt Discrepancies)
- अस्पष्ट अथवा अपठनीय स्कैन कॉपी: छात्रों द्वारा मोबाइल से खींची गई धुंधली, कटी हुई या अस्पष्ट रसीदें अपलोड की गईं, जिन्हें स्क्रूटनी टीम द्वारा अमान्य कर दिया गया।
- अनधिकृत हस्ताक्षर व मुहर: कॉलेज के प्राचार्य अथवा अधिकृत प्राधिकारी के हस्ताक्षर और आधिकारिक मुहर के बिना सादे कागजों पर बनाए गए प्रमाणपत्र अपलोड किए गए।
- फीस में विसंगति: संस्था द्वारा निर्धारित वास्तविक सरकारी/अनुमोदित शुल्क से अधिक या गलत मदों (हॉस्टल, मेस) को अनिवार्य गैर-वापसी योग्य ट्यूशन शुल्क में जोड़कर प्रस्तुत करना।
3. जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र में तकनीकी त्रुटियां
- पुराना अथवा अमान्य आय प्रमाण पत्र: वर्तमान सत्र के लिए निर्धारित वित्तीय वर्ष से पुराना आय प्रमाण पत्र लगाना, या माता-पिता के स्थान पर किसी अन्य का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना।
- डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्रों का मिसमैच: राजस्व अधिकारी (CO/RO/SDO) द्वारा जारी डिजिटल प्रमाण पत्र का आवेदन क्रमांक और बारकोड सर्विस प्लस पोर्टल से मैच न होना।
- स्पेलिंग एवं व्यक्तिगत विवरण का अंतर: छात्र के नाम, पिता के नाम अथवा जन्मतिथि की वर्तनी का मैट्रिक अंकतालिका और जाति/निवास प्रमाण पत्र में भिन्न होना।
4. बैंक खाता एवं NPCI DBT सीडिंग से जुड़ी समस्याएं
- बैंक खाता निष्क्रिय (Inactive / Dormant): लंबे समय से लेन-देन न होने के कारण बैंक खाते का बंद या निष्क्रिय होना।
- NPCI मैपिंग का अभाव: खाता सामान्य आधार लिंक तो है, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के लिए सक्रिय (Seeded) नहीं है।
- खाते में क्रेडिट लिमिट (Minor / Zero Balance Limit): जन-धन या छोटे बचत खातों में एक बार में ₹10,000 या ₹25,000 से अधिक राशि प्राप्त करने पर लगी सीमा, जिससे PFMS द्वारा भुगतान रिजेक्ट हो जाता है।
Bihar PMS Status Check Online: चरण-दर-चरण प्रक्रिया
प्रत्येक पंजीकृत छात्र के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि उनका फॉर्म किस स्तर पर रुका है। स्टेटस चेक करने की संपूर्ण कार्यप्रणाली:
बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के आधिकारिक वेब पोर्टल pmsonline.bihar.gov.in पर जाएं।
होमपेज पर अपनी संबंधित श्रेणी के लिंक पर क्लिक करें:
- BC & EBC Students: “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना”
- SC & ST Students: “अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना”
नए पेज पर उपलब्ध “Verify Your Application Status” अथवा “Student Login” विकल्प का चयन करें।
अपना पंजीकृत User ID, Password और स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड (Captcha) दर्ज करके पोर्टल में प्रवेश (Login) करें।
लॉगिन करने के उपरांत आपका पर्सनल स्टूडेंट डैशबोर्ड खुल जाएगा। यहाँ स्क्रीन पर नीचे दिए गए पाँच अनिवार्य सत्यापन स्तरों का स्टेटस प्रदर्शित होगा:
- Registration Status: (Done / Verified)
- Bank Account Status: (Accepted by PFMS / Rejected)
- Caste, Income & Residential Status: (Approved / Rejected)
- Institute Verification Status: (Approved / Defective / Pending)
- Physical Committee Verification Status: (Approved / Pending / Defective)
यदि किसी भी सत्यापन चरण के सामने लाल रंग में ‘Defective’ अथवा ‘Rejected’ का स्टेटस है, तो उसके ठीक नीचे दिए गए “Reason / Remark” बॉक्स को ध्यान से पढ़ें। विभाग द्वारा वहाँ स्पष्ट लिखा होता है कि आपके फॉर्म में कौन सा दस्तावेज गलत है या क्या सुधार करना है।
Bihar PMS Correction Online: Defective फॉर्म में सुधार कैसे करें?
यदि आपके स्टेटस में त्रुटि या रिमार्क प्रदर्शित हो रहा है, तो बिना विलंब किए नीचे दिए गए चरणों का पालन करते हुए ऑनलाइन सुधार कार्य पूरा करें:
चरण 1: पोर्टल पर लॉगिन एवं आवेदन संपादन (Edit Application)
- अपने छात्र डैशबोर्ड पर जाकर “Edit Application” अथवा “Update Personal / Academic Details” टैब पर क्लिक करें।
- यदि त्रुटि शैक्षणिक विवरण (Academic Details), सत्र (Session), रोल नंबर या कोर्स में है, तो उसे अपनी कॉलेज रसीद के अनुसार सही करें।
चरण 2: नए और अधिकृत दस्तावेजों का निर्माण
- नया बोनाफाइड सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate): पोर्टल से निर्धारित प्रारूप (Format) डाउनलोड करें। उस पर कॉलेज जाकर प्राचार्य अथवा अधिकृत नोडल शिक्षक के हस्ताक्षर और कॉलेज की मूल मुहर (Round Seal) लगवाएं।
- सटीक शुल्क रसीद (Fee Receipt): कॉलेज द्वारा जारी चालू सत्र की मूल रसीद प्राप्त करें, जिस पर रसीद संख्या, छात्र का नाम, कोर्स और मद-वार फीस स्पष्ट रूप से अंकित हो।
- प्रमाण पत्र सुधार: यदि आय या जाति प्रमाण पत्र में त्रुटि है, तो सर्विस प्लस (RTPS Bihar) पोर्टल से जारी नया, वैध और डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र तैयार रखें।
चरण 3: स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करना
- सभी संशोधित दस्तावेजों को फ्लैटबेड स्कैनर अथवा उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल स्कैनर ऐप से स्कैन करें।
- फाइल का साइज निर्धारित सीमा (आमतौर पर 400 KB से कम) में और केवल PDF फॉर्मेट में रखें।
- सुनिश्चित करें कि डॉक्यूमेंट का प्रत्येक अक्षर, मुहर और हस्ताक्षर साफ-साफ पढ़े जा रहे हों।
- डैशबोर्ड में संबंधित विकल्प पर जाकर पुराने अमान्य दस्तावेज के स्थान पर नया दस्तावेज अपलोड (Replace Document) करें।
चरण 4: अंतिम सबमिशन (Final Re-Submission)
- सभी सुधारी गई प्रविष्टियों का पूर्वावलोकन (Preview) जांचें।
- डिक्लेरेशन चेकबॉक्स पर टिक करें और “Final Submit” बटन पर क्लिक करें।
- सुधार के उपरांत जनरेट हुई नई पावती (Updated Acknowledgement Slip) का स्पष्ट प्रिंटआउट निकाल लें।
चरण 5: संस्थान के नोडल अधिकारी (INO) को भौतिक प्रति सौंपना
- ऑनलाइन सुधार करने के बाद छात्र को अपनी सुधारी गई पावती, नए बोनाफाइड और फीस रसीद की छायाप्रति अपने कॉलेज/संस्थान में जाकर जमा करनी होगी।
- कॉलेज के स्कॉलरशिप नोडल अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अनुरोध करें कि वे अपने Institute Login ID से पोर्टल खोलकर आपके फॉर्म को ‘Re-Verify & Approve’ कर दें। जब तक कॉलेज से दोबारा अप्रूवल नहीं मिलेगा, जिला स्तरीय टीम आपके फॉर्म पर विचार नहीं करेगी।
बैंक खाता एवं NPCI DBT समस्या का स्थायी समाधान
बड़ी संख्या में छात्रों का आवेदन बैंक खाता स्तर पर रिजेक्ट हुआ है। पीएफएमएस (PFMS) नियमों के तहत छात्रवृत्ति केवल उसी खाते में भेजी जा सकती है जो आधार आधारित भुगतान प्रणाली से जुड़ा हो:
- सामान्य आधार लिंकिंग बनाम NPCI मैपिंग: बैंक पासबुक में आधार नंबर दर्ज होना ही पर्याप्त नहीं है। खाते का भारत सरकार के पेमेंट गेटवे (NPCI Server) पर DBT Enabled होना अनिवार्य है।
- स्टेटस कैसे जांचें: छात्र भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर बैंक सीडिंग स्टेटस चेक कर सकते हैं कि उनका कौन सा बैंक खाता डीबीटी हेतु सक्रिय है।
- बैंक शाखा में संपर्क: यदि बैंक स्टेटस ‘Rejected by PFMS’ या ‘Inactive’ दिखा रहा है, तो तुरंत अपनी बैंक शाखा जाएं। वहाँ प्रबंधक को “Aadhaar DBT / NPCI Seeding Form” भरकर दें और बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC) करवाएं।
- वैकल्पिक समाधान (India Post Payments Bank): यदि किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में एनपीसीआई मैपिंग में समय लग रहा हो, तो नजदीकी डाकघर (Post Office) जाकर IPPB (India Post Payments Bank) में नया बचत खाता खुलवा लें। यह खाता खुलते ही तुरंत आधार डीबीटी से सक्रिय हो जाता है और 24 से 48 घंटे में पोर्टल पर स्वीकार हो जाता है।
Verification Architecture: छात्रवृत्ति अनुमोदन के विभिन्न चरण
बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का वितरण एक पारदर्शी और बहु-स्तरीय प्रणाली के माध्यम से होता है:
विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन/सुधार -> कॉलेज/संस्थान स्तर पर सत्यापन (INO Approval) -> जिला भौतिक सत्यापन समिति (Physical Verification Committee) -> जिला कल्याण पदाधिकारी (DWO) स्तर पर प्रशासनिक स्वीकृति -> PFMS पोर्टल पर डिजिटल भुगतान आदेश -> लाभार्थी के बैंक खाते में राशि अंतरण (Aadhaar DBT)
- सत्यापन में देरी से बचाव: जब छात्र समय पर अपनी त्रुटि का निवारण कर लेते हैं, तो उनका फॉर्म स्वतः अगली सत्यापन कतार में आ जाता है। कॉलेज स्तर से अप्रूवल मिलने के बाद जिला स्तर पर जांच तेजी से पूरी होती है।
Mandatory Documents Checklist for Correction
त्रुटि सुधार और कॉलेज सत्यापन के समय छात्रों को निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल व स्व-प्रमाणित प्रतियां तैयार रखनी चाहिए:
- ऑनलाइन सुधारे गए आवेदन पत्र की पावती प्रति (Updated Application Receipt)।
- 10वीं (मैट्रिक) की मूल अंकतालिका एवं प्रमाण पत्र (जन्मतिथि सत्यापन हेतु)।
- अंतिम उत्तीर्ण परीक्षा (12वीं, ग्रेजुएशन या डिप्लोमा) की अंकतालिका।
- चालू शैक्षणिक सत्र का संस्थान द्वारा जारी अधिकृत Bonafide Certificate (मूल प्रति)।
- कॉलेज/विश्वविद्यालय द्वारा जारी आधिकारिक Fee Receipt (मूल प्रति)।
- अंचलाधिकारी/राजस्व अधिकारी द्वारा निर्गत वैध स्थायी जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)।
- संबंधित वित्तीय वर्ष का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)।
- बिहार राज्य का वैध मूल निवास प्रमाण पत्र (Residential / Domicile Certificate)।
- बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति (जिसमें खाता संख्या, IFSC कोड व नाम स्पष्ट हो)।
- सरकार द्वारा जारी वैध पहचान प्रमाण पत्र (पहचान सत्यापन हेतु)।
- हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ।
Important Links
| महत्वपूर्ण लिंक विवरण | आधिकारिक लिंक |
| PMS Bihar Official Portal (Direct Link) | Click Here to Open Portal |
| BC / EBC Student Login & Status Check | BC/EBC Login Link |
| SC / ST Student Login & Status Check | SC/ST Login Link |
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. PMS पोर्टल पर आवेदन स्टेटस में ‘Defective’ दिखने का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि आपके आवेदन, संलग्न दस्तावेजों, कॉलेज विवरण या बैंक खाते में कोई विसंगति पाई गई है, जिसके कारण सत्यापन समिति ने फॉर्म को आगे बढ़ाने से रोक दिया है। इसे सुधारना अनिवार्य है।
Q2. यदि कोई छात्र अपने डिफेक्टिव फॉर्म में सुधार नहीं करता है, तो क्या होगा?
यदि निर्धारित अवधि के भीतर छात्र त्रुटि का निवारण नहीं करता है, तो विभाग द्वारा उसका आवेदन स्थाई रूप से रद्द (Permanently Rejected) कर दिया जाएगा और छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं की जाएगी।
Q3. क्या फॉर्म में ऑनलाइन सुधार (Correction) करने के लिए कोई सरकारी शुल्क लगता है?
नहीं, बिहार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्टेटस जांचने, दस्तावेज दोबारा अपलोड करने अथवा त्रुटि सुधार करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है; यह पूरी तरह निःशुल्क है।
Q4. बैंक खाता ‘Rejected by PFMS’ दिखने पर क्या कदम उठाना चाहिए?
छात्र को तुरंत अपनी बैंक शाखा जाकर बैंक खाते में NPCI / Aadhaar DBT सीडिंग सक्रिय करानी चाहिए अथवा डाकघर जाकर नया IPPB डीबीटी खाता खुलवाना चाहिए।